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पंजाब के अपील मामले से जस्टिस नागु ने किया तटस्थता का परिचय

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नागु ने भ्रष्टाचार जांच के लिए हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब की अपील सुनने से अपने को अलग कर लिया है। यह निर्णय लिया गया क्योंकि जस्टिस नागु पहले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे।

LSN India · 9 October 2026

पंजाब के अपील मामले से जस्टिस नागु ने किया तटस्थता का परिचय

नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नागु ने भ्रष्टाचार के आरोपों में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जांच के संबंध में पंजाब राज्य की अपील सुनने से अपने को अलग कर लिया है। यह अपील पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक आदेश के विरुद्ध दायर की गई थी।

जस्टिस नागु का तटस्थता से अपने को अलग करना न्यायिक प्रक्रिया में स्वच्छता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस निर्णय के पीछे कारण यह है कि जस्टिस नागु सुप्रीम कोर्ट में अपनी नियुक्ति से तुरंत पहले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे।

न्यायिक मानकों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में जहां न्यायाधीश का पूर्व कार्यालय या पद किसी मामले से जुड़ा हो सकता है, वह अपने को उस मामले की सुनवाई से अलग करते हैं। इससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बना रहता है।

यह कदम भारतीय न्यायिक व्यवस्था में निष्पक्षता और ईमानदारी के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।