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छत्तीसगढ़ के धर्मांतरण विरोधी कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के धर्मांतरण विरोधी कानून की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि यह कानून मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।

LSN India · 26 October 2026

छत्तीसगढ़ के धर्मांतरण विरोधी कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा लागू किए गए धर्मांतरण विरोधी कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर संज्ञान लिया है। इस कानून को लेकर नागरिक स्वतंत्रता और मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का तर्क है कि छत्तीसगढ़ का यह कानून भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है। उनके अनुसार, इस तरह का विधान नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और चुनाव करने के अधिकार को प्रभावित करता है।

छत्तीसगढ़ का धर्मांतरण विरोधी कानून देश के विभिन्न राज्यों द्वारा पारित किए गए समान कानूनों की कड़ी में शामिल है। ये कानून आमतौर पर जबरदस्ती धर्मांतरण को रोकने का दावा करते हैं, लेकिन विरोधियों का मानना है कि इन्हें दुरुपयोग का जोखिम रहता है।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के दावों पर सरकार से जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई आने वाली तारीखों में होगी, जहां अदालत धर्मांतरण संबंधी कानूनों की संवैधानिकता पर विस्तृत विचार करेगा।