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काजीरंगा के पास खनन पर सुप्रीम कोर्ट पैनल का असम सरकार को झटका
सर्वोच्च न्यायालय की पैनल ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के निकट खनन गतिविधियों पर कार्रवाई न करने के लिए असम सरकार की आलोचना की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र को 10 किमी से कम करने की घोषणा के बाद यह मुद्दा केंद्र में आ गया है।
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सुप्रीम कोर्ट की एक पैनल ने असम सरकार को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास अवैध खनन गतिविधियों को रोकने में विफल रहने के लिए तीव्र आलोचना की है। विश्व प्रसिद्ध गैंडों के आवास स्थान को संरक्षित करने की जिम्मेदारी को लेकर पैनल द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र को मानक 10 किमी से घटाने की योजना की घोषणा के बाद प्रकाश में आया है। इस कदम को संरक्षणवादियों और पर्यावरण विशेषज्ञों की ओर से व्यापक विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत का एक महत्वपूर्ण जैव विविधता केंद्र है और विश्व एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी का घर है। पैनल ने जोर देकर कहा है कि इस महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
इस मामले में अदालत द्वारा असम प्रशासन को आने वाले सुनवाई में विस्तृत जवाबदेही के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। खनन गतिविधियों पर नियंत्रण और क्षेत्र की जैव विविधता की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी बताई गई है।