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सर्वोच्च न्यायालय ने फॉर्म 6 जमा करने वाले मतदाताओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में मतदाताओं के नाम कटने की चुनौती पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि हटाए गए मतदाताओं को फॉर्म 6 जमा करने के लिए अभियोजित नहीं किया जाएगा। न्यायालय ने इस मामले को तुरंत सुनने के लिए 5 नवंबर को सूचीबद्ध किया है।
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र में मतदाताओं की कटौती के विरुद्ध दायर याचिका की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के नाम चुनाव सूची से हटाए गए हैं, उन्हें अपनी नागरिकता प्रमाणित करने के लिए फॉर्म 6 जमा करने पर किसी भी प्रकार का आपराधिक अभियोजन का सामना नहीं करना पड़ेगा।
न्यायालय के मौखिक अवलोकन इस संवेदनशील मामले में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। पीठ ने केंद्र और राज्य सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि मतदान से वंचित किए गए नागरिकों को प्रशासनिक कार्यवाही के डर के बिना आवश्यक दस्तावेज जमा करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
न्यायालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जनवरी के बजाय 5 नवंबर को तुरंत सुनने का निर्णय लिया है। यह कदम लाखों प्रभावित मतदाताओं के लिए राहत का संकेत है जो चुनाव सूची से अवैध रूप से हटाए जाने का शिकार हुए हैं।
इस सुनवाई से पहले, सरकारी एजेंसियों द्वारा मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नामों को हटाने के मामलों में चिंता व्यक्त की गई थी। न्यायालय का यह कदम यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि नागरिकों को अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग करने से न रोका जाए।