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जीवन रक्षक दवाओं की कीमत नियंत्रण में तेजी लाने को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से जीवन रक्षक दवाओं और उपकरणों की कीमतों को नियंत्रित करने में तेजी लाने को कहा। वहीं, सरकार ने कैंसर की दवाओं की कीमत में 70 प्रतिशत तक की कमी का दावा किया है।
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भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कीमतों को विनियमित करने की दिशा में तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत की ओर से दिए गए इस निर्देश का उद्देश्य आम जनता को सस्ती और सुलभ दवाओं तक पहुंचने में मदद पहुंचाना है।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए सरकार ने बताया कि कैंसर की दवाओं के संबंध में हाल ही में लिए गए निर्णय के तहत व्यापार मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य का 30 प्रतिशत पर सीमित कर दिया गया है। इस कदम से कैंसर की दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आने की संभावना है।
सरकार का यह कदम दवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने और मरीजों पर आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल कैंसर की दवाओं तक सीमित रहने से काम नहीं होगा बल्कि सभी जीवन रक्षक दवाओं और उपकरणों के लिए एक व्यापक मूल्य नियंत्रण तंत्र विकसित किया जाना चाहिए।
यह मामला लंबे समय से लंबित है और विभिन्न स्वास्थ्य संगठन तथा नागरिक समूहों की ओर से दवाओं की कीमतों में नियंत्रण लाने की मांग की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में और अधिक सक्रिय होगी।