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सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार की डिजिटल जानकारी जुटाने का यूपी पुलिस आदेश रद्द किया

सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस के उस निर्देश को खारिज कर दिया है जिसमें अयोध्या राम मंदिर दान चोरी का खुलासा करने वाले पत्रकार की जून से लेकर डिजिटल गतिविधियों की जानकारी मांगी गई थी। पुलिस ने यह आदेश एक सड़क क्रोध मामले की जांच के नाम पर दिया था।

LSN India · 15 October 2026

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार की डिजिटल जानकारी जुटाने का यूपी पुलिस आदेश रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी एक विवादास्पद निर्देश को निरस्त कर दिया है। पुलिस ने एक पत्रकार के जून महीने से संबंधित सभी डिजिटल पदचिन्हों की जानकारी मांगी थी, जिसने हाल ही में अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदे की चोरी के मामले का पर्दाफाश किया था।

यह आदेश अगस्त 18 को दर्ज किए गए एक सड़क क्रोध मामले की जांच के नाम पर जारी किया गया था। सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि पत्रकारों की जांच-पड़ताल के नाम पर उनकी व्यक्तिगत और डिजिटल गोपनीयता का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।

मामले में सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संवैधानिक नागरिकों की स्वतंत्रता और सूचना के अधिकार से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को उठाता है। न्यायालय का यह फैसला पुलिस द्वारा पत्रकारों के विरुद्ध दुरुपयोग की संभावना को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय न केवल इस पत्रकार बल्कि पूरे मीडिया समुदाय के लिए संरक्षण प्रदान करता है और भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों की रक्षा को मजबूत करता है।