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CJP विरोध के लिए 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता
मुख्य न्यायाधीश गयानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली मेट्रो ने 57 स्टेशनों को बंद करने की घोषणा की है। इस कदम पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़े पैमाने पर सेवा बंदी के संबंध में चिंता व्यक्त की है।
LSN India ·

दिल्ली मेट्रो रेलवे कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की घोषणा की है, जिससे लाखों यात्रियों को प्रभावित होने की आशंका है। यह कदम मुख्य न्यायाधीश गयानेश कुमार के विरुद्ध प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के पहले उठाया गया है, जहां प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इतने बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बंद करने पर गंभीर आपत्ति जताई है। न्यायालय ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी समस्या के समाधान के लिए अत्यधिक कठोर कदम उठाना उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर "मक्खी मारने के लिए हथौड़े का उपयोग न करने" की सलाह दी है।
डीएमआरसी की कार्रवाई स्थिति के प्रबंधन और शहर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है। हालांकि, विशেषज्ञों का मानना है कि सेवाओं का व्यापक बंदी गैर-जिम्मेदारी का संकेत है। इस निर्णय से दिल्ली के लाखों मेट्रो यात्रियों को अपनी दैनिक गतिविधियां प्रभावित होंगी।
यह घटनाक्रम सार्वजनिक प्रशासन और प्रदर्शन के अधिकार को संतुलित करने की जटिलता को उजागर करता है। आने वाले समय में यह मामला और कानूनी विचार-विमर्श का विषय बन सकता है।