LSN News › India

Politics · India Bureau

चुनाव आयोग मामले में न्यायाधीश का 'अंपायर' वाला तीखा बयान

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश दिपंकर दत्त ने कहा कि यदि बल्लेबाजी करने वाली टीम को अंपायर चुनने का अधिकार दिया जाए तो निष्पक्षता पर सवाल उठते रहेंगे। वह 2023 के एक कानून से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे थे।

LSN India · 23 September 2026

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश दिपंकर दत्त ने चुनाव आयोग से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए तटस्थता और निष्पक्षता के मुद्दे पर तीखा टिप्पणी की है। न्यायाधीश ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि खेल में बल्लेबाजी करने वाली टीम को अंपायर नियुक्त करने का अधिकार दिया जाए तो इससे निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठते रहेंगे।

यह टिप्पणी 2023 के एक विशेष कानून से जुड़े एक संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान की गई है। न्यायाधीश दत्त का यह बयान संस्थाओं की स्वतंत्रता और राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में तटस्थ भूमिका निभाने की आवश्यकता पर केंद्रित है।

न्यायालय के समक्ष यह सवाल है कि क्या किसी संस्था को अपने विरुद्ध कार्यवाही में निर्णय लेने वाले को चुनने का अधिकार दिया जा सकता है। न्यायाधीश की टिप्पणी इस बात को रेखांकित करती है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास बनाए रखने के लिए निर्णय प्रक्रिया में पूर्ण निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है।

इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए जाने वाले फैसले का भारत की चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना है।