LSN News › India

World · India Bureau

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की आलोचना की, दोषियों को प्रोबेशन देने को लेकर

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दो दोषियों को प्रोबेशन पर रिहा करने के फैसले की तीव्र आलोचना की है। शीर्ष अदालत ने इसे 'गलत सहानुभूति' का मामला बताया है।

LSN India · 22 October 2026

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की आलोचना की, दोषियों को प्रोबेशन देने को लेकर

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर गंभीर आपत्ति जताई है, जिसमें दो दोषियों को प्रोबेशन पर रिहा किया गया था। न्यायपीठ के अनुसार, यह निर्णय न्याय व्यवस्था के प्रति हल्के-फुल्के रवैये का संकेत देता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे फैसलों में अदालतें अपनी जिम्मेदारी का एहसास भूल जाती हैं। शीर्ष अदालत के अनुसार, कानून के सामने समानता बनाए रखना अदालतों का संवैधानिक दायित्व है। प्रोबेशन संबंधी प्रावधानों का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस कदम पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह दृष्टिकोण न्यायिक प्रणाली में विश्वास को कमजोर करता है। अदालतों को दोषियों के प्रति 'गलत सहानुभूति' नहीं दिखानी चाहिए बल्कि कानून की कठोरता को बनाए रखना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि प्रोबेशन संबंधी प्रावधान केवल योग्य मामलों में ही लागू किए जाएं और अदालतों को ऐसे फैसलों के दीर्घकालीन प्रभाव पर विचार करना चाहिए। शीर्ष अदालत ने इस मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट को समन किया है।