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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CBDT का सर्कुलर कोर्ट के लिए बाध्यकारी नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि निर्यात कोटा प्रीमियम को निर्यात आय नहीं माना जा सकता क्योंकि इस लेनदेन में विदेशी मुद्रा की प्राप्ति नहीं हुई। अदालत ने आयकर अधिनियम की धारा 80HHC के तहत दावे को खारिज कर दिया।

LSN India · 21 September 2026

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CBDT का सर्कुलर कोर्ट के लिए बाध्यकारी नहीं

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी किए गए सर्कुलर न्यायालयों के लिए बाध्यकारी नहीं होते हैं। इस महत्वपूर्ण निर्णय में अदालत ने निर्यातकों द्वारा निर्यात कोटा प्रीमियम को निर्यात आय के रूप में दावा करने की प्रथा पर सवाल उठाया है।

अदालत के अनुसार, निर्यात कोटा प्रीमियम को निर्यात आय नहीं माना जा सकता है क्योंकि इस तरह के लेनदेन में विदेशी मुद्रा की सीधी प्राप्ति शामिल नहीं होती है। यह स्थिति आयकर अधिनियम की धारा 80HHC के प्रावधानों के विपरीत है, जो निर्यात आय पर कर छूट प्रदान करती है।

इस मामले में कर अधिकारियों द्वारा किए गए आकलन को सुप्रीम कोर्ट ने सही पाया है। अदालत का यह निर्णय यह स्पष्ट करता है कि CBDT के सर्कुलर और निर्देशों की तुलना में कानून के वास्तविक प्रावधान अधिक महत्वपूर्ण हैं।

व्यापार और उद्योग जगत के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे निर्यात से संबंधित कर लाभ के संबंध में स्पष्टता आती है। कोर्ट का यह दृष्टिकोण भविष्य में इसी तरह के मामलों में कर विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई को मजबूत करेगा।