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सिनेमा हॉल को खान-पान की कीमत तय करने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सिनेमा हॉलों को निजी संपत्ति माना है और उन्हें बाहर से खान-पान सामग्री लाने पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया है। न्यायालय ने माना कि ऐसे प्रतिबंध जनहित के खिलाफ नहीं हैं।

LSN India · 10 September 2026

सिनेमा हॉल को खान-पान की कीमत तय करने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने के.सी. सिनेमा बनाम जम्मू-कश्मीर राज्य मामले में अपने फैसले में सिनेमा हॉलों को निजी संपत्ति के रूप में परिभाषित किया है। इस ऐतिहासिक निर्णय में अदालत ने सिनेमा हॉल मालिकों को अपने प्रतिष्ठानों में बाहर से लाए गए खाद्य और पेय पदार्थों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार प्रदान किया है।

न्यायालय का मत है कि सिनेमा हॉलों में खान-पान के संबंध में जो प्रतिबंध लगाए जाते हैं, वे जनहित, सुरक्षा या सार्वजनिक कल्याण के विरुद्ध नहीं हैं। इसके साथ ही अदालत ने यह स्पष्ट किया कि सिनेमा हॉल मालिकों को अपनी संपत्ति के उपयोग को नियंत्रित करने का अधिकार है।

यह निर्णय सिनेमा हॉलों में खान-पान की कीमतों को लेकर चल रही बहस को लेकर आया है। देशभर में दर्शक संघों और सिनेमा हॉल मालिकों के बीच कीमतों को लेकर विवाद बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सिनेमा हॉलों को अपने खान-पान की कीमत निर्धारित करने में अधिक स्वतंत्रता मिल गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सिनेमा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हॉलों के मालिकों को अपनी आर्थिक नीतियां तय करने में मुक्त हाथ देता है। हालांकि, दर्शकों के एक बड़े हिस्से को सिनेमा हॉलों में खान-पान की ऊंची कीमतों से कोई संतुष्टि नहीं है।