Politics · India Bureau
बाल अपहरण मामलों में समान जांच प्रक्रिया के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस दिया
सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें बाल अपहरण मामलों की जांच के लिए एकसमान और समयबद्ध प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई है। याचिका में तंत्र की असफलताओं को दूर करने के लिए विशेषीकृत अदालतें स्थापित करने की भी आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
LSN India ·

सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है जिसमें देश भर में बाल अपहरण मामलों की जांच के लिए एकसमान प्रोटोकॉल स्थापित करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि मौजूदा अव्यवस्थित जांच प्रक्रिया से न केवल जांच में देरी होती है, बल्कि ऐसे संवेदनशील मामलों में न्याय मिलने की संभावना भी कम हो जाती है।
याचिका में यह दलील दी गई है कि बाल अपहरण से संबंधित मामलों की गंभीरता को देखते हुए देश में एक समान आपरेशनल ढांचे की तत्काल आवश्यकता है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग जांच प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे अपराधियों को फायदा मिल जाता है और पीड़ित परिवारों को अतिरिक्त कष्ट होता है।
याचिकाकर्ता ने यह भी सुझाव दिया है कि केंद्र को बाल अपहरण मामलों के तीव्र निपटारे के लिए समर्पित अदालतें स्थापित करनी चाहिएं। यह सुझाव मौजूदा न्यायिक प्रणाली में ऐसे मामलों के लिए पर्याप्त संसाधन आवंटन न होने की समस्या को हल करने के लिए दिया गया है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोर्ट इस याचिका पर सकारात्मक निर्णय लेता है, तो यह बाल सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।