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सर्वोच्च न्यायालय ने जाति सत्यापन प्रणाली स्पष्ट करने के लिए कहा

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार से 2027 की जनगणना में जाति आरक्षण संबंधी झूठे दावों को पहचानने का तंत्र स्पष्ट करने को कहा है। अदालत ने कहा कि वास्तविक लाभार्थियों के अधिकारों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

LSN India · 13 October 2026

सर्वोच्च न्यायालय ने जाति सत्यापन प्रणाली स्पष्ट करने के लिए कहा

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार से मांग की है कि वह अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित व्यक्तियों द्वारा किए गए झूठे दावों की पहचान के लिए 2027 की जनगणना के तहत उपलब्ध तंत्र को स्पष्ट करे।

न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग रोकते हुए वास्तविक लाभार्थियों के अधिकारों को संरक्षित रखना आवश्यक है। जाति आधारित आरक्षण प्रणाली में विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि जनगणना प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी या गलत जानकारी को रोकने के लिए एक सुदृढ़ सत्यापन प्रणाली तैयार की जाए। इस प्रणाली में प्रमाणपत्र जारी करने से पहले उचित जांच और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल होना चाहिए।

यह निर्णय आरक्षण नीति को लेकर चली आ रही कानूनी बहस के बीच आया है। विभिन्न हितधारकों ने समानता और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को लेकर चिंता व्यक्त की है।