Politics · India Bureau
सर्वोच्च न्यायालय ने फॉर्म 6 में परिवर्तन पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया
चुनाव आयोग द्वारा जुलाई में लागू किए गए फॉर्म 6 संशोधनों पर सर्वोच्च न्यायालय ने न तो अनुमोदन और न ही अस्वीकृति का रुख अपनाया है। इन परिवर्तनों के तहत आवेदकों को ECINet पोर्टल पर वंश संबंधी विवरण और पूर्व मतदाता सूची से जुड़ाव के बारे में जानकारी देनी होती है।
LSN India ·

नई दिल्ली — सर्वोच्च न्यायालय ने मतदाता पंजीकरण फॉर्म 6 में किए गए परिवर्तनों के संबंध में अपना स्पष्ट रुख प्रस्तुत किया है। न्यायालय ने इन संशोधनों को न तो मंजूरी दी है और न ही खारिज किया है, बल्कि मामले को एक तटस्थ स्थिति में रखा है।
भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जुलाई में शुरू किए गए इन संशोधनों के अंतर्गत नए मतदाताओं को अपना वंशावली विवरण प्रदान करने के साथ ही पूर्व में मतदाता सूची (SIR रोल्स) में अपनी प्रविष्टि का प्रमाण देना आवश्यक बनाया गया था। यह सूचना ECINet पोर्टल के माध्यम से दर्ज करनी होती है।
सर्वोच्च न्यायालय के इस रुख से मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में एक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। हालांकि न्यायालय ने प्रक्रिया को पूरी तरह रोका नहीं है, लेकिन इसके कानूनी निहितार्थों पर अभी कोई निर्णायक टिप्पणी नहीं की गई है।
इस मुद्दे पर आगामी सुनवाई में न्यायालय से और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। तब तक चुनाव आयोग संशोधित प्रक्रिया के तहत आवेदन प्राप्त कर रहा है।