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दिल्ली में फुटपाथ अतिक्रमण हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, समय सीमा तय
राजधानी में फुटपाथ और पैदल पारगमन मार्गों की कमी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को नोटिस दिया है। अदालत ने नवंबर अंत तक ठोस कार्रवाई न होने पर कठोर कदम उठाने की चेतावनी दी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट परिसर के पास फुटपाथों पर अतिक्रमण हटाने को लेकर संबंधित प्राधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायालय के अनुसार, पैदल पारगमन के लिए पर्याप्त जगह न होने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अदालत ने मामले में 25 नवंबर 2026 तक निर्णायक कदम उठाने का निर्देश दिया है। न्यायाधीशों ने साफ इशारे में कहा है कि यदि इस समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वह स्वयं इस मुद्दे को लेकर विशेष धरना प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
दिल्ली की सड़कों पर अतिक्रमण एक दीर्घकालीन समस्या बनी हुई है जहां दुकानों, बाजारों और अन्य निर्माणों के कारण फुटपाथ लगभग अप्रयोज्य हो गए हैं। इससे पैदल यात्रियों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
सुप्रीम कोर्ट का यह कदम दिल्ली प्रशासन को नगर नियोजन और सार्वजनिक सुविधाओं की गंभीरता को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। अदालत के अनुसार, शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार करना नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने का एक अनिवार्य हिस्सा है।