Politics · India Bureau
आवारा पशु आश्रय को लेकर NHAI की याचिका सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष पीठ का गठन
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाने के निर्देश को चुनौती देने वाली याचिका सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विशेष पीठ गठित करने पर सहमति जताई। NHAI का तर्क है कि इस परियोजना के लिए लगभग 7,000 करोड़ रुपये की व्यय आवश्यकता होगी।
LSN India ·

सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की याचिका सुनने के लिए एक विशेष पीठ का गठन करने पर सहमति जताई। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत तथा न्यायमूर्ति जयमल्य बागची और वी मोहना की पीठ के समक्ष NHAI के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह आवेदन प्रस्तुत किया।
सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि पहले की पीठ, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने की थी, ने NHAI को पूरे देश में आवारा मवेशियों के लिए आश्रय गृह स्थापित करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पूरा करने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए, न कि NHAI को।
"हमारा कहना है कि यह काम स्थानीय जिला स्तर के प्रशासन को करना चाहिए। हम पूरे देश में यह काम नहीं कर सकते," सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया। NHAI का अनुमान है कि इस परियोजना पूरी करने के लिए लगभग 7,000 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
सॉलिसिटर जनरल ने याचिका सुनने के लिए न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की एक नई विशेष पीठ का गठन करने के लिए भी अनुरोध किया।