LSN News › India

Politics · India Bureau

लेह-कारगिल के वकीलों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने खोले आभासी द्वार

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के लिए आभासी पहुंच की घोषणा की है। इस कदम से दूरस्थ क्षेत्रों के वकील और भविष्य के न्यायविद्यार्थी अब न्यायालय से जुड़ सकेंगे।

LSN India · 18 October 2026

लेह-कारगिल के वकीलों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने खोले आभासी द्वार

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में आभासी भागीदारी की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है। यह पहल विशेषकर लेह और कारगिल क्षेत्र के वकीलों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है, जहां भौगोलिक दूरी के कारण कोर्ट में उपस्थिति की समस्या बनी रहती है।

इस निर्णय के पीछे का उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों में न्यायिक पहुंच को सुनिश्चित करना है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कारगिल या नुब्रा जैसे क्षेत्रों में पढ़ने वाले बालक-बालिकाओं को न्याय व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिलना चाहिए। ये युवा आगे चलकर सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे की पैरवी कर सकते हैं या न्यायाधीश के रूप में भी सेवा दे सकते हैं।

आभासी प्रणाली के माध्यम से वकीलों को अपने कार्यालय या निर्धारित सुविधा केंद्रों से ही सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में भाग लेने का मौका मिलेगा। इससे यात्रा में लगने वाले समय और खर्च में बचत होगी।

यह कदम न्यायिक सुलभता को बढ़ाने और दूरस्थ क्षेत्रों में कानूनी सेवा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके साथ ही, यह युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय न्यायिक व्यवस्था से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।