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NEET-UG प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR रद्द करने के आदेश की पुनरीक्षा याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह आदेश छात्रों और उनके भविष्य की चिंता से प्रेरित था। अदालत ने प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने निर्णय को सही ठहराया।

LSN India · 9 October 2026

NEET-UG प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR रद्द करने के आदेश की पुनरीक्षा याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज FIRs को रद्द करने के अपने पूर्ववर्ती आदेश की पुनरीक्षा के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय प्रदर्शनकारी छात्रों और उनके भविष्य के प्रति गहरी चिंता से प्रेरित था।

अदालत का यह कदम उन विभिन्न पक्षों की आपत्तियों के बाद आया है जिन्होंने तर्क दिया था कि FIRs को रद्द करने का आदेश न्याय में बाधा डालता है। हालांकि, न्यायपीठ ने माना कि छात्र नागरिकों के मौलिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे थे और उन्हें दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय इस सिद्धांत पर आधारित है कि युवा छात्रों को अपनी वैध शिकायतें व्यक्त करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार है। न्यायालय ने जोर दिया कि ऐसे प्रदर्शन को आपराधिक कार्रवाई से सुरक्षित रखा जाना चाहिए, विशेष रूप से जब वे शांतिपूर्ण और न्यायसंगत कारणों से प्रेरित हों।

इस निर्णय से शिक्षा और नागरिक स्वतंत्रता से संबंधित कानूनी मामलों में एक महत्वपूर्ण उदाहरण स्थापित हुआ है। अदालत का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी नीतियों के विरुद्ध छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध को आपराधिक कानून का उपयोग करके दबाया नहीं जा सकता।