LSN News › India

Politics · India Bureau

अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम संशोधन के खिलाफ याचिका खारिज

सर्वोच्च न्यायालय ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में किए गए संशोधनों के विरुद्ध दायर याचिका को खारिज कर दिया है। संशोधन में अत्याचार की विस्तृत परिभाषा, त्वरित मुकदमे और पीड़ितों एवं गवाहों की सुरक्षा को मजबूत किया गया है।

LSN India · 22 September 2026

अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम संशोधन के खिलाफ याचिका खारिज

सर्वोच्च न्यायालय ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में किए गए संशोधनों को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इस निर्णय के साथ ही संशोधित कानून के प्रावधान पूरी तरह प्रभावी रहेंगे।

विधि विशेषज्ञों के अनुसार, किए गए संशोधन समाज के सुरक्षित वर्गों को दिए गए अत्याचार के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ करते हैं। संशोधनों में अत्याचार की घटनाओं की परिभाषा को विस्तारित किया गया है, जिससे अधिक मामले इसके दायरे में आ सकेंगे।

कानून में किए गए सुधारों का एक महत्वपूर्ण पहलू मुकदमों की गति बढ़ाना है। इसके अलावा, पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा के लिए बेहतर उपाय भी शामिल किए गए हैं, जो न्यायिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करेंगे।

संशोधित कानून के कार्यान्वयन से अपेक्षा की जाती है कि अनुसूचित जाति और जनजाति के विरुद्ध होने वाले अत्याचार के मामलों में न्याय की गति तेज होगी और पीड़ितों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी।