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टिकाऊ विकास के लिए मापनीय परिणाम और व्यावहारिक कार्रवाई जरूरी: राजीव
तमिलनाडु के मंत्री वी.के. राजीव ने चेन्नई में द हिंदू सस्टेनेबिलिटी समिट 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि पर्यावरणीय लक्ष्यों को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने ठोस कार्ययोजना और जवाबदेही तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया।
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चेन्नई में बुधवार को आयोजित द हिंदू सस्टेनेबिलिटी समिट 2026 के उद्घाटन समारोह में तमिलनाडु के एक वरिष्ठ मंत्री वी.के. राजीव ने कहा कि टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए केवल नीतिगत घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन्हें मापनीय परिणामों और व्यावहारिक कार्रवाई के माध्यम से समर्थित होना चाहिए।
राजीव के अनुसार, पर्यावरणीय और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर वास्तविक प्रतিबद्धता दिखाने के लिए संस्थानों और सरकारों को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि बिना स्पष्ट लक्ष्य, समय-सीमा और जवाबदेही के तंत्र के, सस्टेनेबिलिटी के प्रयास अधूरे रह जाते हैं।
इस वार्षिक समिट का आयोजन दक्षिण भारत में सस्टेनेबिलिटी से संबंधित चुनौतियों और समाधानों पर विचार-विमर्श के लिए किया जाता है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के नीति-निर्माता, व्यावसायिक नेता और पर्यावरणविद् भाग लेते हैं।
राजीव ने कहा कि तमिलनाडु टिकाऊ विकास की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को व्यावहारिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदर्शित कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य और केंद्रीय स्तर पर तालमेल से ही वास्तविक परिवर्तन संभव है।