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ताइवानी छात्रों ने सीप के कोश और प्रवाल कचरे से बनाई 3डी छपी रीफ संरचनाएं
ताइवान के छात्रों ने प्रवाल भित्तियों को बहाल करने के लिए एक नई तकनीक विकसित की है। यह परियोजना सीप के कोश और प्रवाल गिट्टी का उपयोग करके 3डी मुद्रण तकनीक से रीफ संरचनाएं तैयार करती है।
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ताइवान के छात्रों ने 'रीफविव' नाम की एक अभिनव परियोजना विकसित की है जो प्रवाल पुनर्स्थापन को अधिक सुलभ और व्यावहारिक बनाती है। इस परियोजना में सीप के कोश और प्रवाल मलबे का उपयोग करके 3डी प्रिंटिंग तकनीक से जलजीवन संरक्षण के लिए संरचनाएं तैयार की जाती हैं।
ये 3डी छपी संरचनाएं प्रवाल के टुकड़ों के लिए एक मजबूत और स्थिर आधार प्रदान करती हैं। पानी के नीचे किए गए परीक्षणों में सभी जुड़े हुए प्रवाल टुकड़ों का सौ प्रतिशत अस्तित्व दर्ज किया गया। इस परीक्षण के परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहे और इस तकनीक की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करते हैं।
नई रीफ संरचनाओं में समुद्री जीवन तेजी से बसने लगा। मछलियों, केकड़ों और अन्य समुद्री जीवों की उपस्थिति इन कृत्रिम भित्तियों की व्यावहारिकता का प्रमाण है। छात्रों का यह प्रयास दर्शाता है कि कचरे का पुनः उपयोग करके प्रकृति की रक्षा की जा सकती है।
यह परियोजना क्षेत्र में प्रवाल भित्तियों के क्षरण की समस्या के समाधान की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए स्केलेबल समाधान संभव हो सकता है।