LSN News › India

Culture & Entertainment · India Bureau

बालाजी थरनीथरन की नई फिल्म 'बठ्ठा' हल्के-फुल्के अंदाज में जीवन के गहरे सवाल उठाती है

निर्देशक बालाजी थरनीथरन की नई फिल्म 'बठ्ठा' एक डरावने गुंडे और एक स्कूली लड़के की कहानी के जरिए बचपन और मानवीय मूल्यों की गर्माहट से भरी प्रस्तुति देती है। यह फिल्म समाज द्वारा थोपी गई भूमिकाओं में हम कौन हो जाते हैं, इस सवाल को हल्के-फुल्के अंदाज में उजागर करती है।

LSN India · 1 October 2026

बालाजी थरनीथरन की नई फिल्म 'बठ्ठा' हल्के-फुल्के अंदाज में जीवन के गहरे सवाल उठाती है

फिल्मकार बालाजी थरनीथरन अपनी नई परियोजना 'बठ्ठा' के साथ दर्शकों के सामने लौट आए हैं। यह फिल्म एक अप्रत्याशित मुलाकात की कहानी बताती है जब एक भयानक अपराधी और एक मासूम स्कूली लड़का एक-दूसरे के रास्ते में आते हैं। इस मिलन से जो नाटकीय घटनाएं घटती हैं, वे दर्शकों को हंसाने के साथ ही भावनात्मक स्तर पर भी जोड़ती हैं।

थरनीथरन की यह रचना बचपन के उस महत्वपूर्ण पहलू को छूती है जो अक्सर जीवन की व्यस्तता में खो जाता है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे समाज हमें विभिन्न भूमिकाओं में ढालता है और हम अपनी वास्तविक पहचान से कितना दूर हो जाते हैं। इस गहरे विषय को हल्के-फुल्के कॉमेडी के जरिए प्रस्तुत करना फिल्मकार की मजबूत कला को दर्शाता है।

आशचर्य की बात यह है कि इस नाटकीय परिस्थिति में भी मानवीय अच्छाई का एक पहलू उजागर होता है। फिल्म दिखाती है कि कितनी भी मुश्किल परिस्थितियों में भी इंसान के अंदर का दिल कभी पूरी तरह खराब नहीं हो जाता। बालाजी थरनीथरन अपने निर्देशन के माध्यम से इस संदेश को एक आकर्षक और प्रभावशाली तरीके से पेश करते हैं जो दर्शकों को सोचने के लिए विवश करता है।