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तमिलनाडु के लिए टिकाऊ कर्ज-जीएसडीपी अनुपात 23 प्रतिशत है: सलाहकार
सरकार के आर्थिक सलाहकार का मानना है कि उचित उधारी विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। वे कहते हैं कि ऋण लेना अपने आप में अवांछनीय गतिविधि नहीं है।
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तमिलनाडु की वर्तमान आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करते हुए सरकार के आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि राज्य के लिए टिकाऊ कर्ज-सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) अनुपात 23 प्रतिशत है। यह आंकड़ा राज्य की वित्तीय स्थिरता का संकेत माना जा रहा है।
वरिष्ठ अर्थशास्त्री ने जोर देते हुए कहा कि उधारी स्वयं कोई अवांछनीय गतिविधि नहीं है। वास्तव में, उचित तरीके से लिया गया कर्ज राज्य के विकास कार्यक्रमों के वित्तपोषण के सबसे महत्वपूर्ण साधनों में से एक है।
आर्थिक सलाहकार का यह वक्तव्य इस विचार को रेखांकित करता है कि किसी राज्य की वित्तीय मजबूती केवल कर्ज की मात्रा से नहीं, बल्कि उसके सही उपयोग और कर्ज-जीएसडीपी अनुपात को नियंत्रित रखने से आंकी जानी चाहिए।
तमिलनाडु के संदर्भ में 23 प्रतिशत का अनुपात राज्य की टिकाऊ उधार क्षमता को दर्शाता है और यह सुझाव देता है कि राज्य सुरक्षित तरीके से आगामी वर्षों में अपनी विकास परियोजनाओं को वित्त पोषित कर सकता है।