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वीरमणि मामले पर विजय ने स्टालिन को घेरा, केस बंद करने का आरोप
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के खिलाफ सीएम विजय ने वीरमणि पीओसीएसओ केस को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। विजय का आरोप है कि स्टालिन की सरकार ने इस संवेदनशील मामले को दबाने की कोशिश की है।
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तमिलनाडु में वीरमणि पीओसीएसओ (बाल यौन शोषण) केस को लेकर राजनीतिक तनाव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री एमके विजय ने पूर्व सीएम एमके स्टालिन पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि केस को बंद क्यों किया गया। विजय का आरोप है कि स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार ने इस मामले को सुलझाने में नकारात्मक भूमिका निभाई है।
विजय ने मामले की जांच को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है और स्टालिन से सवाल उठाए हैं कि आखिर केस बंद करने के पीछे क्या कारण हैं। उन्होंने इसे डीएमके और एआईएडीएमके के बीच गठजोड़ का उदाहरण बताया है। विजय का मानना है कि सत्ता में आने के बाद भी इस गंभीर मामले को सही ढंग से नहीं संभाला गया है।
दूसरी ओर, स्टालिन ने विजय के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच का संचालन कर रही है। स्टालिन के अनुसार, विजय की आलोचना राजनीतिक कारणों से की जा रही है।
इस मामले को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में गर्माहट देखी जा रही है। अलग-अलग पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और मीडिया का ध्यान इसी पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संवेदनशील मामलों में राजनीति से बचना चाहिए और न्याय प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी चाहिए।