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वर्षा संबंधी शिकायतों के लिए चार जिलों में एकीकृत नियंत्रण कक्ष का उद्घाटन
तमिलनाडु के वेल्लोर, रानीपेट, तिरुपत्तूर और तिरुवन्नामलै जिलों में बारिश से संबंधित समस्याओं की तुरंत सुनवाई के लिए समन्वित नियंत्रण कक्ष शुरू किया गया है। पालर नदी के किनारे रहने वाले लोगों को नदी पार न करने और कम ऊंचाई वाले इलाकों से सरकारी आश्रय स्थलों में जाने की सलाह दी गई है।
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वेल्लोर, रानीपेट, तिरुपत्तूर और तिरुवन्नामलै जिलों में प्रशासन द्वारा एक एकीकृत नियंत्रण कक्ष का संचालन शुरू किया गया है। यह कक्ष वर्षा ऋतु में नागरिकों की शिकायतों और आपातकालीन स्थितियों को तुरंत संभालने के लिए स्थापित किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बाढ़ और मौसमी समस्याओं से निपटने में समन्वय को बेहतर बनाना है।
पालर नदी के किनारे स्थित गांवों के निवासियों को नदी पार करने से सख्ती से बचने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि भारी वर्षा के दौरान नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ सकता है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है।
कम ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले परिवारों को तुरंत सरकार द्वारा संचालित आश्रय स्थलों या सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है। आपातकालीन राहत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी जिलों में प्रशासनिक अधिकारी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आपातकालीन संपर्क नंबर की जानकारी रखें और किसी भी आपातकाल में तुरंत नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। स्थानीय निकायों और आपातकालीन सेवाओं को भी मानसून के मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।