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तमिलनाडु में जल संकट की आशंका, मानसून पर निर्भरता

तमिलनाडु के प्रमुख सिंचाई जलाशयों में वर्तमान में कुल क्षमता का मात्र एक-तिहाई पानी संचित है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में संचयन लगभग 92 प्रतिशत था।

LSN India · 7 November 2026

तमिलनाडु में जल संकट की आशंका, मानसून पर निर्भरता

तमिलनाडु गंभीर जल संकट की ओर बढ़ रहा है क्योंकि राज्य के प्रमुख 15 सिंचाई जलाशयों में जल स्तर चिंताजनक रूप से कम है। वर्तमान समय में इन जलाशयों में जमा जल उनकी कुल क्षमता का लगभग 33 प्रतिशत ही है। यह स्थिति साल दर साल तुलना में बेहद गंभीर है, जब एक वर्ष पहले इसी अवधि में संयुक्त जल संचयन लगभग 92 प्रतिशत तक पहुंचा था।

राज्य की कृषि और जल संसाधन क्षेत्र के लिए यह आंकड़ा एक गंभीर संकेत है। कम वर्षा और असंतुलित मानसून के कारण जलाशय तेजी से खाली हो रहे हैं। सिंचाई की मांग को पूरा करने और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध न होने से कृषकों और आम नागरिकों दोनों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

राज्य सरकार और जल प्रबंधन विभाग आने वाले उत्तर-पूर्व मानसून पर बड़ी उम्मीद लगाए हुए हैं। माना जा रहा है कि यदि इस मानसून में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा होती है, तो जलाशय पुनः भर सकते हैं। हालांकि, जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में मानसून की भविष्यवाणी करना कठिन हो गया है।

इस दौरान जल संरक्षण और दक्षता के उपायों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा देने और जल के अपव्यय को रोकने के उपाय तत्काल आधार पर लागू करने होंगे। जल-संभर प्रबंधन और वर्षा जल संग्रहण को प्रोत्साहित करना भी दीर्घकालिक समाधान का हिस्सा हो सकता है।