World · India Bureau
तमिलनाडु में 40 से अधिक जिलों में कीटविज्ञानी के पद खाली
तमिलनाडु के स्वास्थ्य विभाग में जिला कीटविज्ञानी के दर्जनों पद रिक्त हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य कीटविज्ञानी संघ का मानना है कि इससे डेंगू नियंत्रण कार्यक्रमों में गंभीर बाधा आ सकती है।
LSN India ·

तमिलनाडु में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जिला कीटविज्ञानी के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। राज्य के 40 से अधिक स्वास्थ्य इकाई जिलों में यह पद रिक्त है, जिससे रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की प्रभावशीलता प्रभावित हो रही है।
जिला कीटविज्ञानी मच्छरों और अन्य रोग वाहकों की निगरानी तथा नियंत्रण में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। ये पेशेवर डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक सर्वेक्षण, निरीक्षण और नियंत्रण उपायों की योजना बनाते हैं।
तमिलनाडु पब्लिक हेल्थ एंटोमोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन के अनुसार, इन पदों का खाली रहना डेंगू नियंत्रण गतिविधियों की योजना और निगरानी को प्रभावित कर सकता है। संगठन का कहना है कि पर्याप्त कीटविज्ञानी कार्मिकों के बिना, वेक्टर जनित रोगों से प्रभावी ढंग से निपटना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के लिए इन महत्वपूर्ण पदों को तत्काल भरना जरूरी है ताकि संक्रामक रोगों के विरुद्ध समन्वित प्रयास जारी रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि रोग निवारण कार्यक्रमों की सफलता के लिए पर्याप्त तकनीकी जनशक्ति की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है।