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कोसस्थलैयार नदी में मछलियों की अचानक मौत पर विशेषज्ञ दल गठित
तमिलनाडु सरकार ने कोसस्थलैयार नदी में हुई सामूहिक मछली मृत्यु की जांच के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल का गठन किया है। विधानसभा में पर्यावरण मंत्री ने यह जानकारी दी, जबकि विधायकों ने औद्योगिक प्रदूषण को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया।
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तमिलनाडु के पर्यावरण मंत्री ने विधानसभा में सूचित किया कि कोसस्थलैयार नदी में हुई बड़ी पैमाने पर मछलियों की अचानक मृत्यु की जांच के लिए एक चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल का गठन किया गया है। यह कदम नदी में अचानक जैविक संकट पर तत्काल ध्यान देने के लिए उठाया गया है।
पीएमके के विधायक ए. गणेश कुमार ने विधानसभा में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोसस्थलैयार नदी के किनारे कई औद्योगिक प्रतिष्ठान अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं और नदी में अपने अपशिष्ट जल और प्रदूषकों को सीधे छोड़ रहे हैं। विधायक के अनुसार, इन उद्योगों से निकलने वाले जहरीले अपशिष्ट ही नदी के प्रदूषण का मुख्य कारण हैं।
विशेषज्ञ दल का काम नदी में पानी की गुणवत्ता की जांच करना, औद्योगिक प्रदूषण के स्तर को मापना और मछली मृत्यु के वास्तविक कारणों की पहचान करना होगा। यह दल अपनी रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में होने वाली इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव भी देगा।
कोसस्थलैयार नदी, जो चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरती है, पिछले कुछ वर्षों में गंभीर प्रदूषण का सामना कर रही है। पर्यावरण विशेषज्ञ और स्थानीय निवासी लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्रों से सख्त नियंत्रण और निगरानी की मांग कर रहे हैं।