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तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में इंटरसेक्स शिशुओं के लिए आनुवंशिक परीक्षण की कमी

तमिलनाडु के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में इंटरसेक्स स्थिति वाले बच्चों के लिए आवश्यक कैरियोटाइपिंग और अन्य आनुवंशिक परीक्षण उपलब्ध नहीं हैं, जिससे परिवारों को महंगी निजी प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

LSN India · 26 August 2026

तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में इंटरसेक्स शिशुओं के लिए आनुवंशिक परीक्षण की कमी

तमिलनाडु में इंटरसेक्स स्थिति से जन्मे बच्चों की देखभाल के लिए आवश्यक आनुवंशिक परीक्षण सुविधाओं की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य सेवा समस्या के रूप में उभर रही है। सरकारी अस्पतालों में कैरियोटाइपिंग और अन्य महत्वपूर्ण आनुवंशिक परीक्षण अधिकांश जगहों पर उपलब्ध नहीं हैं, जिससे प्रभावित परिवार निजी प्रयोगशालाओं का रुख करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ये आनुवंशिक परीक्षण इंटरसेक्स स्थिति के निदान और उचित प्रबंधन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन परीक्षणों के बिना, शिशुओं को सही चिकित्सा और परामर्श सेवा नहीं मिल पाती है। निजी प्रयोगशालाओं में इन परीक्षणों की अत्यधिक लागत सामान्य परिवारों के लिए एक बड़ी आर्थिक बाधा बन गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में इन परीक्षण सुविधाओं को शामिल करना अत्यावश्यक है। इंटरसेक्स बच्चों और उनके परिवारों के लिए समान और सुलभ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर कदम उठाने की आवश्यकता है। इससे न केवल परिवारों की आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि प्रभावित शिशुओं को बेहतर और समय पर चिकित्सा सहायता भी मिलेगी।