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तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में समय से पहले जन्मे शिशुओं की दवाओं की कमी
समय से पहले पैदा हुए शिशुओं के फेफड़ों को विकसित करने के लिए आवश्यक सर्फ्क्टेंट दवाओं की भारी कमी का सामना तमिलनाडु के विभिन्न सरकारी चिकित्सा केंद्र कर रहे हैं। इस स्थिति से बच्चों के इलाज में गंभीर बाधा आ रही है।
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तमिलनाडु के राजकीय अस्पतालों में समय से पहले जन्मे शिशुओं के उपचार में महत्वपूर्ण दवाओं की आपूर्ति में कमी देखी जा रही है। सर्फ्क्टेंट नामक दवा समय पूर्व जन्मे बच्चों के फेफड़ों को सही तरीके से काम करने में मदद करती है, लेकिन कई अस्पतालों में इस जीवन रक्षक दवा का स्टॉक सीमित है।
विभिन्न अस्पतालों और चिकित्सकों से की गई जांच से पता चलता है कि प्रदेश के कई चिकित्सा केंद्रों को सर्फ्क्टेंट दवा की आपूर्ति में निरंतर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह दवा विशेष रूप से उन शिशुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन्हें श्वसन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इस दवा की अनुपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रत्यक्ष प्रभाव डाल रही है। चिकित्सा पेशेवरों ने बताया कि दवा की कमी के कारण समय से पहले जन्मे बच्चों के इलाज की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
तमिलनाडु सरकार से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह इस महत्वपूर्ण दवा की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाए और राजकीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाए।