LSN News › India

Politics · India Bureau

तमिलनाडु न्यायाधीश की झूठी दावे का खुलासा, सुप्रीम कोर्ट में उजागर हुई धोखाधड़ी

सुप्रीम कोर्ट में एक तमिलनाडु न्यायाधीश के जन्मतिथि परिवर्तन की झूठी दावे का खुलासा हुआ है। होरोस्कोप नोटबुक और पिन कोड की जांच से न्यायिक धोखाधड़ी के प्रमाण मिले हैं।

LSN India · 19 August 2026

तमिलनाडु न्यायाधीश की झूठी दावे का खुलासा, सुप्रीम कोर्ट में उजागर हुई धोखाधड़ी

सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक संवेदनशील मामला उजागर हुआ है जिसमें तमिलनाडु के एक न्यायाधीश पर जन्मतिथि में गलतबयानी का आरोप है। मुंसिफ-सह-न्यायिक मजिस्ट्रेट एम. मणिक्कम ने 1993 में कन्याकुमारी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को अपनी जन्मतिथि 19 मार्च 1947 से बदलकर 24 नवंबर 1950 करने के लिए एक अर्जी दी थी।

न्यायालय की जांच में होरोस्कोप नोटबुक और पिन कोड जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं जो इस दावे को झूठा साबित करते हैं। ये दस्तावेज इस बात की पुष्टि करते हैं कि न्यायाधीश की मूल जन्मतिथि में अपने हित के लिए संशोधन किया गया था।

यह मामला न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा संबंधी गंभीर सवाल उठाता है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए की जाने वाली कार्रवाई न्यायिक अखंडता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।