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DMK की मानहानि केस को खारिज करने की याचिका दायर
मंत्रियों अाधव अर्जुन और सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने मद्रास उच्च न्यायालय में DMK के विरुद्ध मानहानि मामले को खारिज करने की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया कि राजनीतिक दल ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 80 के तहत आवश्यक पूर्व सूचना जारी नहीं की थी।
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मद्रास उच्च न्यायालय में दायर याचिका में मंत्रियों अाधव अर्जुन और सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने DMK द्वारा दायर मानहानि केस को खारिज करने की मांग की है। दोनों मंत्रियों का कहना है कि राजनीतिक दल ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया है।
मंत्रियों की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 80 के अनुसार किसी सार्वजनिक सेवक के विरुद्ध मामला दर्ज करने से पहले 60 दिन की पूर्व सूचना देना अनिवार्य है। DMK ने यह आवश्यक कानूनी सूचना जारी नहीं की थी, जिसके कारण पूरा मामला अमान्य है।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि यह प्रक्रियागत खामी मानहानि केस की बुनियाद को ही कमजोर करती है। राजनीतिक पार्टी को संविधान के तहत मिले अधिकारों का पालन करते हुए सही कानूनी तरीका अपनाना चाहिए था।
यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है क्योंकि इससे सार्वजनिक पदाधिकारियों और राजनीतिक दलों के बीच कानूनी लड़ाई का रुझान दिखाई देता है। उच्च न्यायालय से अब इस याचिका पर सुनवाई किए जाने का इंतजार है।