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तमिलनाडु के दलों ने केंद्रीय श्रम संहिता के विरुद्ध विधानसभा प्रस्ताव की मांग की
कांग्रेस, एमडीएमके, वीसीके और वामपंथी दलों ने संघीय श्रम कानूनों के खिलाफ संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं। राज्य विधानसभा में इसी मुद्दे पर प्रस्ताव लाने की मांग की गई है।
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तमिलनाडु के प्रमुख राजनीतिक दलों ने संघीय श्रम संहिता के विरुद्ध राज्य विधानसभा में प्रस्ताव लाने की मांग उठाई है। कांग्रेस, मरुमलार्ची द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एमडीएमके), विलुथु चिलाइ कुट्टु (वीसीके) और वामपंथी दलों ने इस संबंध में एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं।
इन दलों का आरोप है कि केंद्र द्वारा लागू की गई नई श्रम संहिता कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करती है। विरोधी दलों के अनुसार, ये कानून असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
दलों की संयुक्त घोषणा में विधानसभा में एक प्रस्ताव लाने की मांग की गई है जो संघीय श्रम कानूनों के खिलाफ राज्य की नीति को प्रतिबिंबित करे। इसका उद्देश्य राज्य विधानसभा को श्रमिकों के हितों के लिए एक मजबूत संदेश भेजने का मंच देना है।
यह कदम राज्य में श्रम कानूनों को लेकर चल रहे विवाद के बीच उठाया गया है। विभिन्न श्रमिक संगठन और राजनीतिक दल केंद्र की नीतियों के विरुद्ध सक्रिय हैं।