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उत्तर-पूर्वी मानसून से पहले तमिलनाडु ने बारिश संचयन ढांचे की मरम्मत अनिवार्य की
तमिलनाडु सरकार ने उत्तर-पूर्वी मानसून के मद्देनजर राज्य भर में जलसंचयन संरचनाओं की मरम्मत को अनिवार्य बना दिया है। मुख्य सचिव और जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में गठित समितियां इस कार्य की निगरानी करेंगी।
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तमिलनाडु सरकार आने वाले उत्तर-पूर्वी मानसून के लिए तैयारी को लेकर गंभीर है। इसी क्रम में राज्य ने वर्षा जल संचयन ढांचों की मरम्मत और रखरखाव को अनिवार्य बना दिया है। इस निर्देश से राज्य के सभी जिलों में बारिश के पानी को सुरक्षित रखने की व्यवस्था मजबूत होगी।
इस प्रशासनिक निर्देश को लागू करने के लिए राज्य स्तर और जिला स्तर पर समन्वय समितियां गठित की गई हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य-स्तरीय समिति और विभिन्न जिलों में जिला कलेक्टरों द्वारा संचालित समितियां इस काम की जिम्मेदारी लेंगी। ये समितियां यह सुनिश्चित करेंगी कि सभी वर्षा जल संचयन संरचनाएं समय पर और उचित तरीके से मरम्मत की जाएं।
यह कदम मानसून काल में बाढ़ प्रबंधन और जल संसाधनों का सदुपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। संचयन संरचनाओं की उचित कार्यप्रणाली से न केवल जलभराव की समस्या कम होगी, बल्कि भूजल स्तर को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।
राज्य सरकार का यह निर्णय स्थानीय प्रशासन को भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभाने के लिए बाध्य करता है। समितियों को न केवल मरम्मत कार्यों की निगरानी करनी होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि ये कार्य मानसून से पहले पूरे हो जाएं।