World · India Bureau
कुड्डलोर सेंट्रल जेल में कैदियों की 85 किताबें जारी की गईं
तमिलनाडु प्रिजन्स विभाग और एझुथागा इयक्कम (राइट मूवमेंट) के सहयोग से कैदियों द्वारा रचित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। यह पहल जेल में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
LSN India ·

कुड्डलोर सेंट्रल जेल में कैदियों द्वारा लिखी गई 85 पुस्तकें जारी की गई हैं। ये किताबें तमिलनाडु जेल विभाग और एझुथागा इयक्कम (राइट मूवमेंट) के संयुक्त समर्थन से विकसित की गई थीं।
इस परियोजना का उद्देश्य जेल में बंद व्यक्तियों को साहित्यिक और रचनात्मक कार्यों में संलग्न करना है। कैदियों द्वारा रचित ये पुस्तकें विभिन्न विषयों पर केंद्रित हैं और उनके विचारों तथा अनुभवों को प्रतिबिंबित करती हैं।
एझुथागा इयक्कम, जो लेखन आंदोलन के रूप में कार्य करता है, जेल सुधार कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सहयोग से कैदियों को उनके कौशल विकास और पुनर्वास में मदद मिल रही है।
तमिलनाडु प्रिजन्स विभाग ने इस पहल को अपने सुधार कार्यक्रमों का एक अभिन्न अंग माना है। ऐसी पहल से जेल में रहने वाले लोगों में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायता मिलती है और वे समाज में फिर से शामिल होने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होते हैं।