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तमिलनाडु सरकार ने शहरी सहकारी बैंकों के आवास ऋण सीमा में वृद्धि की
तमिलनाडु सरकार ने शहरी सहकारी साख समितियों के लिए अधिकतम व्यक्तिगत आवास ऋण सीमा में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नई नीति के तहत कम जमा वाली समितियों के लिए यह सीमा ₹60 लाख तक बढ़ाई गई है।
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तमिलनाडु सरकार ने शहरी सहकारी साख समितियों (यूसीसीएस) के माध्यम से आवास ऋण की सीमा को संशोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों को आवास निर्माण और क्रय के लिए अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
नई नीति के अनुसार, ₹100 करोड़ से कम जमा वाली शहरी सहकारी समितियां व्यक्तियों को ₹60 लाख तक का आवास ऋण प्रदान कर सकेंगी। वहीं, ₹100 करोड़ से अधिक जमा वाली समितियों के लिए यह सीमा ₹1 करोड़ तक निर्धारित की गई है, जिससे बड़ी वित्तीय क्षमता वाली संस्थाएं अधिक सहायता दे सकें।
यह संशोधन शहरी क्षेत्रों में सस्ते आवास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने और मध्यम वर्गीय परिवारों को स्वयं का घर खरीदने में मदद करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं का विस्तार राज्य में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस संशोधन से राज्य की आवास योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है तथा शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवास ऋण प्राप्त करना अपेक्षाकृत आसान हो जाएगा।