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हाथी गलियारे को छोड़कर तारा कोयला खंड आवंटित किया गया
कोयला मंत्रालय ने कहा है कि संशोधित सीमाओं के अनुसार तारा खंड लेमरू हाथी गलियारे के बाहर है। छत्तीसगढ़ भाजपा ने कांग्रेस के हसदेव-अरंड खनन संबंधी निर्णयों पर सवाल उठाए हैं।
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कोयला मंत्रालय ने कहा है कि तारा कोयला खंड को आवंटित करते समय पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखा गया है। मंत्रालय के अनुसार, खंड की संशोधित सीमाएं इसे लेमरू हाथी गलियारे के बाहर रखती हैं, जो हाथियों के प्रवास मार्ग के लिए महत्वपूर्ण है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा ने इस निर्णय को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के अनुसार, हसदेव-अरंड क्षेत्र में खनन संबंधी निर्णय पारदर्शी और वैज्ञानिक आधार पर नहीं लिए गए थे।
हाथी गलियारों की सुरक्षा भारत के वन्यजीव संरक्षण नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन गलियारों को कोयला खनन जैसी आर्थिक गतिविधियों से दूर रखने का प्रयास किया जाता है ताकि हाथियों के प्राकृतिक आवास और प्रवास पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
केंद्रीय कोयला मंत्रालय का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और खनन के बीच संतुलन बनाने की दिशा में देखा जा रहा है। हालांकि, राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे पर विभिन्न दल अपने-अपने मत प्रस्तुत कर रहे हैं।