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162 साल पहले आयातित ट्राउट से मूल मछली विलुप्त होने के कगार पर
ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में संरक्षण दल स्वान गैलेक्सियास नामक दुर्लभ मछली को बचाने के लिए बांध बना रहे हैं, जिसे 1864 में लाई गई विदेशी ब्राउन ट्राउट मछली से खतरा है।
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तस्मानिया में संरक्षण कार्यकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है जिसका लक्ष्य स्वान गैलेक्सियास नामक एक छोटी सी देशी मछली को विलुप्त होने से बचाना है। यह प्रजाति 162 साल पहले इंग्लैंड से आयातित ब्राउन ट्राउट के कारण गंभीर खतरे में है। 1864 में ब्रिटिश उपनिवेशक्षेत्र में खेल मछली पकड़ने के उद्देश्य से इस विदेशी प्रजाति को लाया गया था।
संरक्षण दल अब ट्राउट-मुक्त अभयारण्य बनाने और जलस्रोतों को साफ करने का काम कर रहा है। कुछ स्वान गैलेक्सियास की आबादी प्राकृतिक बाधाओं के कारण पर्याप्त संख्या में बची रही है, लेकिन सूखे और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं इन्हें लगातार खतरे में डाल रही हैं। दल इन मछलियों को सुरक्षित और अलग-थलग पानी के बेसिन में स्थानांतरित कर रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य मछली पकड़ने की परंपरा के साथ देशी वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दृष्टिकोण प्रजातियों की विविधता को बनाए रखने के साथ-साथ क्षेत्रीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संरक्षण प्रयास जारी हैं क्योंकि विश्लेषकों का मानना है कि समय पर हस्तक्षेप से स्वान गैलेक्सियास को भविष्य में संरक्षित रखा जा सकता है।