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तस्मानिया में 28 साल की मेहनत से आक्रामक मछलियों को झीलों से निकाला
तस्मानिया की मछली पालन सेवा ने 28 वर्षों के अभूतपूर्व प्रयास से लेक सोरेल और लेक क्रेसेंट से 49,300 से अधिक आक्रामक कॉमन कार्प को सफलतापूर्वक हटाया है। इस अभियान से झीलों का पानी स्वच्छ हुआ और स्थानीय जलीय जीवन बहाल हुआ।
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तस्मानिया के दोनों प्रमुख झीलों से आक्रामक मछलियों को निकालने के लिए तीन दशक से अधिक का व्यापक अभियान अब सफलतापूर्वक समाप्त हो गया है। लेक सोरेल और लेक क्रेसेंट से कुल 49,301 कॉमन कार्प को हटाया गया, जिससे इन जलाशयों का जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पुनः संतुलित हुआ है।
इस दीर्घकालीन संरक्षण प्रयास के परिणामस्वरूप झीलों का पानी काफी हद तक स्वच्छ हो गया है। साथ ही, दलदली क्षेत्रों में मूल पौधों की वनस्पति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्थानीय प्राकृतिक जीवन के पुनरुद्धार से पारिस्थितिकी संतुलन में सुधार हुआ है।
झीलों में जंगली ब्राउन ट्राउट की आबादी फिर से बढ़ने लगी है, जिससे मछली पकड़ने के शौकीनों के लिए मनोरंजन के अवसर बढ़े हैं। इस सफलता से साबित होता है कि बड़ी झीलों को आक्रामक प्रजातियों के प्रभाव से मुक्त करना और उन्हें पुनः जीवंत करना संभव है।
तस्मानिया का यह प्रयास दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य क्षेत्रों के लिए जलीय संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सीख प्रदान करता है। आक्रामक जलीय प्रजातियों के नियंत्रण के लिए दीर्घकालीन संतुष्टि और समन्वित प्रयास की आवश्यकता होती है।