Business · India Bureau
टाटा की कंपनी से वैश्विक परामर्श फर्म बनी टीसीई, अब आधी आय विदेश से
छह दशक के सफर में टाटा कंसल्टेंसी ऑफ इंजीनियरिंग ने अपने आपको एक बहुराष्ट्रीय परामर्श संस्थान में तब्दील कर दिया है। आज इसकी आय का लगभग आधा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजार से आता है।
LSN India ·

टाटा कंसल्टेंसी ऑफ इंजीनियरिंग (टीसीई) का यात्रा टाटा समूह की एक आंतरिक इकाई के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन आज यह विश्व के प्रमुख इंजीनियरिंग परामर्श संस्थानों में से एक बन गया है। पिछले 60 वर्षों में कंपनी ने अपनी सेवाओं का विस्तार किया है और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है।
कंपनी के विकास की कहानी में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ इसका वैश्विकीकरण रहा है। टीसीई की वर्तमान राजस्व संरचना में विदेशी बाजारों का योगदान लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय क्षमता और विविध ग्राहक आधार को दर्शाता है। यह रूपांतरण कंपनी की कौशल, प्रযुक्ति और बाजार समझ में निरंतर निवेश का परिणाम है।
टीसीई की सफलता का मुख्य कारण इसकी अनुकूलन क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता रही है। कंपनी ने विभिन्न उद्योगों जैसे बिजली, तेल और गैस, परिवहन तथा अवसंरचना में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। इसके विश्लेषकों और इंजीनियरों की टीम जटिल परियोजनाओं को संभालने में सक्षम साबित हुई है।
भारतीय इंजीनियरिंग सेवा क्षेत्र में टीसीई का यह विकास देश की तकनीकी क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धिता को प्रदर्शित करता है। कंपनी अपने मूल से आगे बढ़कर एक स्वतंत्र और सशक्त संस्थान बन गई है, जो भारत के नाम पर विश्व बाजार में मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है।