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कर बचत का जाल: निवेश में गलत फैसले से बचें विशेषज्ञ
वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम को प्राथमिकता देनी चाहिए, कर बचत नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि पोर्टफोलियो की बुनियादी संरचना पहले तय करें, फिर कर दक्षता पर विचार करें।
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निवेशकों को अपने निवेश निर्णय लेते समय कर बचत को प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए। वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि पोर्टफोलियो का ढांचा तैयार करते समय वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और तरलता को प्रमुख कारक मानना चाहिए। कर बचत के विकल्प केवल इसके बाद विचार किए जाने चाहिए। यह दृष्टिकोण निवेशकों को दीर्घकालीन लाभ प्रदान करता है।
अनेक निवेशक कर कटौती के प्रावधानों के आकर्षण में ऐसे निवेश विकल्प चुन लेते हैं जो उनके वास्तविक वित्तीय उद्देश्यों के अनुरूप नहीं होते। इस प्रवृत्ति को विशेषज्ञ 'कर बचत का जाल' कहते हैं। यह रणनीति अल्पकालीन लाभ तो दे सकती है, लेकिन दीर्घकालीन संपत्ति निर्माण में बाधक बन जाती है।
सही निवेश पद्धति में पहला कदम अपने वित्तीय लक्ष्य स्पष्ट करना है, चाहे वह सेवानिवृत्ति योजना हो, शिक्षा बचत हो या संपत्ति वृद्धि। दूसरा कदम अपनी जोखिम सहन क्षमता का आकलन करना है। तीसरे में आवश्यक धनराशि की तरलता पर विचार करना चाहिए। इन तीनों पहलुओं को ध्यान में रखकर ही निवेश पोर्टफोलियो बनाना चाहिए।
पोर्टफोलियो की संरचना तैयार हो जाने के बाद निवेशक कर दक्षता को शामिल कर सकते हैं। इससे वे अपने शुद्ध रिटर्न को बेहतर बना सकते हैं बिना अपने मूल वित्तीय उद्देश्यों से विचलित हुए। कर नियोजन का सही समय वह है जब पोर्टफोलियो की नींव पहले से ही मजबूत हो।