World · India Bureau
शिक्षक की समर्पण: घने जंगल में 5 किमी का रोज सफर, एक छात्रा के लिए 13 साल
प्रशासनिक स्थानांतरण के बाद एक शिक्षक सुदूर वनक्षेत्र में पहुंचे जहां केवल एक छात्रा रह गई थी। घने जंगलों से होकर प्रतिदिन 5 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर वह पढ़ाई जारी रखे हुए हैं।
LSN India ·

एक शिक्षक की समर्पण की कहानी सामने आई है जो 13 वर्षों से एक दूरस्थ इलाके में निरंतर शिक्षण कार्य संभाल रहे हैं। बैंक अध्यक्ष से शिक्षक के रूप में स्थानांतरित इस अधिकारी ने अपनी नियुक्ति स्थल पर एक अप्रत्याशित परिस्थिति का सामना किया।
यह जनपद उन बड़े पलायन की घटनाओं का साक्षी रहा है जहां बेहतर जीवनयापन की खोज में स्थानीय परिवार गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन कर गए। इस प्रक्रिया में शिक्षा संस्थानों में भी क्रमिक गिरावट देखी गई और धीरे-धीरे छात्र संख्या में भी कमी आई।
वर्तमान में स्कूल में केवल एक छात्रा स्वरा बोडाके रह गई है जो तीसरी कक्षा में अध्ययनरत है। इस अकेली छात्रा के शिक्षण के लिए प्रतिदिन घने जंगलों से होकर पांच किलोमीटर की दूरी तय करना इस शिक्षक की निष्ठा का प्रमाण है। उनका यह नियमित प्रयास न केवल एक बालिका की शिक्षा सुनिश्चित कर रहा है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति समर्पण की एक महत्वपूर्ण मिसाल भी प्रस्तुत करता है।