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अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक भारत का भविष्य तय करेंगे: मंत्री
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक और अर्धचालकों का समन्वय किसी भी राष्ट्र की भू-राजनीतिक स्थिति को परिभाषित करेगा।
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भारत की तीसरी राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर बोलते हुए शेखावत ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, रोबोटिक्स, अर्धचालक और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों का संयोजन आने वाले समय में किसी राष्ट्र की भू-राजनीतिक स्थिति निर्धारित करेगा। उन्होंने कहा कि यह आज का युग है जब ये सभी उन्नत तकनीकें लोगों के जीवन को मौलिक रूप से बदल देंगी।
अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस आयोजन में शेखावत ने निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष में भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निजी भागीदारी का अर्थ इसरो जैसी संस्थाओं के महत्व को कम करना नहीं है।
शेखावत के अनुसार, अंतरिक्ष का निजीकरण वास्तव में अंतरिक्ष के अवसरों का "लोकतांत्रिकरण" है। इसके माध्यम से अधिक निजी कंपनियां और स्टार्टअप अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में योगदान दे सकते हैं। मंत्री ने कहा कि विज्ञान और तकनीक एक पिरामिड की तरह एकीभूत हो रही है और यह प्रवृत्ति आने वाले वर्षों में और तेज होगी।