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टेक इंडस्ट्री ने H-1B वीसा फीस बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया
अमेरिकी तकनीक उद्योग के शীर्ष समूहों ने ट्रम्प प्रशासन से H-1B वीसा के लिए 103,265 डॉलर की अतिरिक्त फीस लगाने का प्रस्ताव रद्द करने की मांग की है। इंडस्ट्री नेताओं का तर्क है कि यह कदम सिलिकॉन वैली की विश्वस्तरीय प्रतिभा को आकर्षित करने की क्षमता को प्रभावित करेगा।
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अमेरिकी तकनीक क्षेत्र के प्रमुख संगठनों ने ट्रम्प प्रशासन को H-1B वीसा प्रोग्राम के लिए नई फीस संरचना लागू करने से सावधान रहने के लिए कहा है। संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित 103,265 डॉलर की अतिरिक्त फीस अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा को नियुक्त करने में भारी बाधा बनेगी।
टेक इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया है कि H-1B वीसा प्रोग्राम सिलिकॉन वैली सहित अमेरिकी तकनीक कंपनियों के लिए विश्वव्यापी प्रतिभा पूल तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उनके अनुसार, इतनी बड़ी फीस वृद्धि से कंपनियों की नियुक्ति योजनाएं प्रभावित होंगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कम होगी।
इंडस्ट्री नेताओं ने प्रशासन से यह भी पूछा है कि सिलिकॉन वैली और अन्य तकनीक केंद्र शीर्ष वैश्विक प्रतिभा को आकर्षित करने का रास्ता क्या रहेगा यदि यह नीति लागू हो जाती है। उनका मानना है कि यह नीति न केवल कंपनियों बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के विकास को भी प्रभावित कर सकती है।
H-1B वीसा प्रोग्राम विशेष कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। तकनीक उद्योग वर्षों से इस वीसा प्रोग्राम पर निर्भर रहा है और वर्तमान प्रस्ताव को इसमें एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।