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तकनीकी नौकरियों के लिए अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों की जरूरत क्यों पड़ती है
भारतीय मूल के उद्योगपति अपूर्व गोविंद का कहना है कि अमेरिकी पेशेवर तटीय शहरों में जाने के लिए अपने परिवार छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इसी कारण से तकनीकी कंपनियों को एच-1बी वीजा के तहत भारतीय प्रतिभा का आयात करना पड़ता है।
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भारतीय मूल के उद्यमी अपूर्व गोविंड ने समझाया है कि अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के लिए विदेशी कुशल कर्मचारियों की भर्ती करना क्यों आवश्यक हो गया है। गोविंद के अनुसार, अमेरिकी पेशेवरों में तटीय शहरों जैसे सैन फ्रांसिस्को और न्यूयॉर्क में स्थानांतरित होने की इच्छा कम हो रही है क्योंकि ये शहर कैरियर के लिए आकर्षक होने के बाद भी अपने परिवारों को पीछे छोड़ने की कीमत बहुत अधिक मांगते हैं।
गोविंद ने बताया कि अनेक अमेरिकी व्यावसायिक अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। तटीय तकनीकी केंद्रों में आवास की बढ़ती लागत और जीवन यापन के खर्च से अमेरिकी कामगार दूर जा रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में कंपनियों के पास घरेलू प्रतिभा की कमी को दूर करने के लिए एच-1बी वीजा के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय कर्मचारियों को नियुक्त करने का विकल्प रह जाता है।
प्रतिभा की यह कमी विशेषकर भारत जैसे देशों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करती है, जहां कुशल तकनीकी पेशेवर अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्सुक रहते हैं। गोविंद का मानना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले समय में और भी मजबूत होगी क्योंकि पारिवारिक मूल्य अमेरिकी समाज में अधिक महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।