Technology · India Bureau
पराली जलाने की समस्या फिर से बढ़ रही है, क्या तकनीक बचा सकती है?
भारत में पराली दहन की समस्या फिर से गंभीर हो रही है। वर्तमान में उपग्रह तकनीक का उपयोग करके इस समस्या पर नजर रखी जा रही है।
LSN India ·
धान की कटाई के बाद पराली जलाने की प्रथा भारत के कई राज्यों में एक बार फिर तेजी पकड़ने लगी है। पर्यावरण प्रदूषण का यह मुद्दा विशेषकर सर्दियों के महीनों में शहरों में गंभीर स्मॉग संकट पैदा करता है।
इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन और पर्यावरण विशेषज्ञ आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहे हैं। उपग्रह रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग करके धान के अवशेष से जुड़ी सक्रिय आग को लगातार ट्रैक किया जा रहा है। यह तकनीक पराली दहन की घटनाओं को रीयल-टाइम में चिह्नित करने में मदद करती है।
उपग्रह डेटा से प्राप्त जानकारी को कृषि और प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। इससे प्रशासन को समय पर हस्तक्षेप करने का मौका मिलता है और किसानों को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अन्य विकल्पों की ओर मोड़ा जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी निगरानी के साथ-साथ पराली प्रबंधन के वैकल्पिक तरीकों को बढ़ावा देना भी जरूरी है। हालांकि, पराली दहन पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए कृषि नीतियों में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है।