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17 वर्षीय एमिली हेरा ने कचरे के ढेर को बदला सामुदायिक बाग में, जीते 10,000 डॉलर

वेजी नगेट्स की सह-संस्थापक एमिली हेरा ने एक परित्यक्त जमीन को हरे-भरे सामुदायिक बाग में तब्दील किया। जलवायु कार्य के लिए उन्हें ग्लोरिया बैरन यंग हीरोज़ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

LSN India · 2 November 2026

17 वर्षीय एमिली हेरा ने कचरे के ढेर को बदला सामुदायिक बाग में, जीते 10,000 डॉलर

भारत में युवा जलवायु कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। मात्र 17 वर्षीय एमिली हेरा ने अपनी टीम के साथ मिलकर एक सूनी पड़ी जमीन को एक जीवंत सामुदायिक बाग में बदल दिया है। वेजी नगेट्स नामक पहल के तहत यह परियोजना समुदाय में स्थायित्व को बढ़ावा देने का एक सशक्त प्रयास साबित हुई है।

हेरा और उनकी टीम की यात्रा आसान नहीं रही। इस कार्य में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें एक ठेकेदार द्वारा उनके किए गए काम को नष्ट किए जाने की घटना भी शामिल है। ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी इस समूह ने हार नहीं मानी और बाग को फिर से बनाने का काम शुरू किया।

युवा पर्यावरणविद् के इस समर्पण को देशव्यापी स्तर पर स्वीकृति मिली। हेरा को उनकी जलवायु कार्यवाही के लिए प्रतिष्ठित ग्लोरिया बैरन यंग हीरोज़ पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसमें 10,000 डॉलर की राशि भी शामिल है। यह पुरस्कार भविष्य में उनकी जलवायु सक्रियता को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

हेरा का यह प्रयास दर्शाता है कि किस तरह युवा पीढ़ी अपने समुदायों में स्थायित्व और पर्यावरण संरक्षण के लिए सार्थक भूमिका निभा सकती है। एक कचरे से भरे क्षेत्र को उपजाऊ बाग में बदलना न केवल पर्यावरणीय सुधार है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी एक शक्तिशाली संदेश देता है।