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केले के छिलकों से बनाई जैव-निम्नीकरणीय खाद, खरपतवार 53% तक कम
प्यूर्टो रिको की एक सातवीं कक्षा की छात्रा ने केले के छिलकों को पुनर्चक्रित करके एक नई जैव-निम्नीकरणीय खाद विकसित की है। इस पर्यावरण-अनुकूल नवाचार ने कृषि क्षेत्र में प्लास्टिक अपशिष्ट समस्या का एक उपयोगी समाधान प्रस्तुत किया है।
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प्यूर्टो रिको की युवा वैज्ञानिक विलीडी फेलिसिआनो-रिवेरा ने कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपनी सातवीं कक्षा की परियोजना के माध्यम से, उन्होंने बर्बाद केले के छिलकों को एक उपयोगी बायोडिग्रेडेबल मल्च (खाद) में परिवर्तित किया है।
इकोमूसा नाम की इस खाद के परीक्षण में प्रभावशाली परिणाम सामने आए हैं। प्रयोगों के दौरान यह खाद खरपतवार की वृद्धि को 53 प्रतिशत तक कम करने में सफल रही। साथ ही, इसने मिट्टी में नमी बनाए रखने और तापमान को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह परियोजना केवल कृषि सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी एक सशक्त माध्यम है। प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिए यह जैविक विकल्प एक अनुकरणीय समाधान प्रस्तुत करता है।
विलीडी के इस नवाचारी कार्य को व्यापक मान्यता मिली है। वह 2026 के थर्मो फिशर साइंटिफिक जूनियर इनोवेटर्स चैलेंज में एक फाइनलिस्ट के रूप में चुनी गई हैं, जो उनके काम की गुणवत्ता और महत्व को दर्शाता है।