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सातवीं कक्षा के छात्र ने खराब मांस की जांच के लिए सेंसर बनाया

सरताज सिंह गांधी नामक एक प्रतिभाशाली सातवीं कक्षा के छात्र ने एक अभिनव उपकरण विकसित किया है जो सड़ने वाले मांस से निकलने वाली अमोनिया गैस को ट्रैक करके मांस की ताजगी की निगरानी करता है। उनके अनुसंधान में पाया गया कि छठे दिन अमोनिया के स्तर में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई।

LSN India · 6 October 2026

सातवीं कक्षा के छात्र ने खराब मांस की जांच के लिए सेंसर बनाया

बेंगलुरु के एक प्रतिभाशाली छात्र सरताज सिंह गांधी ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस सातवीं कक्षा के विद्यार्थी ने एक उपकरण विकसित किया है जो विभिन्न प्रकार के मांस की ताजगी की जांच करने के लिए सड़न के दौरान निकलने वाली अमोनिया गैस को मापता है। यह नवाचारी तरीका मांस के खराब होने का पता लगाने के लिए एक विश्वसनीय संकेतक साबित हुआ है।

अपने शोध प्रकल्प में सरताज ने टर्की, चिकन, सुअर का मांस और गोमांस सहित विभिन्न मांस के नमूनों का परीक्षण किया। उनके आंकड़ों से पता चला कि परीक्षण के छठे दिन अमोनिया गैस का स्तर सर्वोच्च रहा। यह निष्कर्ष मांस की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा निर्धारित करने के लिए एक मानक प्रदान करता है।

इस युवा वैज्ञानिक की महत्वाकांक्षाएं इससे कहीं आगे तक फैली हुई हैं। सरताज अपने उपकरण की क्षमता को अन्य प्रकार के खाद्य पदार्थों तक विस्तारित करने की योजना बना रहे हैं। दीर्घकालीन रूप से, वह हृदय रोग सर्जरी में अपना कैरियर बनाने का सपना देख रहे हैं। उनकी यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना अभी से ही उन्हें भविष्य के प्रभावशाली शोधकर्ताओं में शामिल करती है।