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17 वर्षीय अनिका ने शिकारियों का पता लगाने के लिए एआई उपकरण विकसित किया

एक किशोर तकनीकविद ने 300 डॉलर की लागत में एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरण तैयार किया है जो 90 प्रतिशत सटीकता के साथ अवैध शिकारियों का पता लगा सकता है। यह नवाचार वन्यजीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

LSN India · 13 October 2026

17 वर्षीय अनिका ने शिकारियों का पता लगाने के लिए एआई उपकरण विकसित किया

मात्र 17 वर्ष की आयु में अनिका पुरी ने एक क्रांतिकारी तकनीक विकसित की है जो वन्यजीव सुरक्षा में नई संभावनाएं खोल रही है। उनका यह एआई आधारित समाधान अवैध शिकार गतिविधियों का पता लगाने में 90 प्रतिशत सटीकता प्रदान करता है।

यह उपकरण मात्र 300 डॉलर की न्यून लागत में तैयार किया गया है, जिससे इसे भारत समेत विकासशील देशों में व्यापक रूप से अपनाया जा सकता है। किशोर इंजीनियर ने कम संसाधन वाले संरक्षण क्षेत्रों को ध्यान में रखकर इस प्रौद्योगिकी को डिजाइन किया है।

परिकल्पना के अनुसार, यह प्रणाली वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों में शिकारियों की गतिविधि को ट्रैक करने के लिए उपयोग की जा सकती है। ऐसी तकनीकें भारत के खतरे में पड़े वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती हैं।

अनिका का यह प्रयास दर्शाता है कि प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कैसे सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। युवा प्रतिभा की ऐसी पहल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे एशिया के लिए अनुप्रेरणादायक साबित हो सकती है।